Friday, July 12, 2024

Emergency: आपातकाल के वो काले किस्से जिन्होंने हिला दिया था पूरा देश; प्रेस पर भी लगी थीं पाबंदियां

 

Emergency: 1975 में 25 और 26 जून की दरम्यानी रात से 21 मार्च 1977 तक (21 महीने) तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार की सिफारिश पर संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत देश में आपातकाल की घोषणा की थी। 
 

आइये जानते हैं कि 1975 में देश में कैसे लगाया गया था आपातकाल ? इसके क्या कारण थे? आपातकाल के दौरान क्या-क्या हुआ ? बाद में इसे कैसे हटाया गया ?  

25 जून 1975 की स्याह रात, जब आपातकाल की घोषणा की गई, उस रात से ही पुलिस ने विरोधी दलों के नेताओं, बच्चों पर जो जुल्म किए, उन्हें याद कर लोकतंत्र सेनानी अब भी सिहर उठते हैं। शहर में 150 से ज्यादा लोकतंत्र सेनानी और हजारों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने 21 महीने के आपातकाल में पुलिस के जुल्म झेले और जेल में यातनाएं सहीं। लोकतंत्र सेनानी और अब विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल बताते हैं कि जाट हाउस से निकलते ही लोहामंडी थाने की पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। वह 15 साल के थे। जेल में पिटाई और केवल सूखी रोटी मिलती थी। दिनभर प्यासा रखा जाता था कि मनोबल तोड़ा जा सके।

कई दिनों के बाद वह जेल से रिहा हुए। आपातकाल का एक-एक दिन उनके जेहन में बसा है। लोकतंत्र सेनानी विजय गोयल और उनके छोटे भाई संजय गोयल पर भी जुल्म हुआ। संजय गोयल तब सेंट जोंस इंटर कॉलेज के सातवीं के छात्र थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ा और डेढ़ महीने जेल में रखा। वह तब 12 साल के थे और सबसे छोटे आंदोलनकारी थे। उनके बड़े भाई और संघ के स्वयंसेवक विजय गोयल बताते हैं कि इंदिरा गांधी के खिलाफ नारे लगाने पर पुलिस ऐसी यातनाएं देती थी कि रूह कांप जाए। उन्होंने जेल से ही परीक्षा दी थी।

जनता सरकार आने पर मार्च 1977 में आपातकाल हटाने की घोषणा नई सरकार के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने की थी। 21 महीने के आपातकाल में सरकारी मशीनरी ने जो दुरुपयोग किए, उनकी जानकारी के लिए तत्कालीन सरकार ने शाह आयोग का गठन 20 मई 1977 को किया। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायमूर्ति जेसी शाह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था।



Anant Ambani-Radhika Merchant Wedding: PM Modi to attend, entire Gandhi family to skip Mukesh Ambani-hosted ceremony.

 





Businessman Mukesh Ambani is hosting a grand wedding ceremony for his youngest son Anant Ambani who is all set to exchange vows with Radhika Merchant. The couple will tie the knot in Mumbai’s BKC on July 12 amid the presence of who’s who across the world. What remains a point of discussion on the internet is which politicians will grace the occasion that is ruling headlines globally.

Emergency: आपातकाल के वो काले किस्से जिन्होंने हिला दिया था पूरा देश; प्रेस पर भी लगी थीं पाबंदियां

  Emergency : 1975 में 25 और 26 जून की दरम्यानी रात से 21 मार्च 1977 तक (21 महीने) तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की ...